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क्या अंतर है MLA और MLC में?

MLA (Member of Legislative Assembly / विधायक)और MLC (Member of Legislative Council / विधान परिषद सदस्य) दोनों ही राज्य के जनप्रतिनिधि होते हैं, लेकिन उनके सदन, चुनाव और अधिकारों में मुख्य अंतर नीचे दिए गए हैं ◆MLA ●यह राज्य की विधानसभा (Lower House / निचला सदन) के सदस्य होते हैं। इनका चुनाव प्रत्यक्ष (Direct) होता है, यानी जनता सीधे वोट देकर चुनती है। इनका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष है। यह भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, पुडुचेरी, जम्मू-कश्मीर) में होते हैं। इनके पास कानून बनाने के मामले में अधिक शक्ति होती है और सरकार बनाने में इनकी मुख्य भूमिका होती है। ◆MLC ●यह राज्य की विधान परिषद (Upper House / ऊपरी सदन) के सदस्य होते हैं। इनका चुनाव अप्रत्यक्ष (Indirect) होता है, जिसमें स्थानीय निकाय, स्नातक, शिक्षक और MLA वोट डालते हैं। इनका कार्यकाल 6 वर्ष का होता है (हर 2 साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं)। चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 30 वर्ष है। यह देश के केवल 6 राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्...

सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण

 ✍️Exam Highlighter: पर्यायवाची 【पार्ट-l】 📍कुबेर - धनद, धनेश, धनपाल, यक्षराज, राजराज, श्रीद, किन्नर नरेश, अल्कापति, अलंकेश, वैश्रवण आदि। 📍कामदेव - पंचशर, कुसुमशर, रतिपति, मकरध्वज, मन्मथ, मदन, मनोज, मनसिज, अनंग, अतनु, प्रद्युम्न, पुष्पधनवा, कन्दर्प, मीनकेतु, मार, स्मर आदि। 📍 इंद्र - शचिपति, सुरपति, अमरपति, सुरेश, सुरेंद्र, पुरंदर, मधवा, वासव, शक्र, देवराज, वज्रपाणि, विबुधेश आदि।

विटामिन B के प्रकार

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🌀Exam_Highlighter🌀 ✍️प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए Vitamin B Complex(रासायनिक नाम) ●विटामिन B1 - थायमिन ●विटामिन B2 - राइबोफ्लेविन ●विटामिन B3 - नियासिन ●विटामिन B5 - पेंटोथेनिक अम्ल ●विटामिन B6 - पाइरिडॉक्सिन ●विटामिन B7 - बायोटिन ●विटामिन B9 - फोलिक अम्ल ●विटामिन B12-सायनोकोबालमिन 👉विटामिन B7 को विटामिन H के नाम से भी जाना जाता है।

खेल-खेल में गणित

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प्रश्न 1. एक फॉर्म में घोड़े और मुर्गियां है, यदि सर गिनने पर 180 सिर और पैरों की संख्या गिनने पर 420 पैर है, तो फॉर्म में घोड़ो की संख्या कितनी है?                          [ट्रिक द्वारा हल करने की विधि] दिए गए सर की संख्या को 2 से गुणा करके, दिए गए पैरों की संख्या से घटा लेते है, जो आता है उसे 2 से भाग दे देते है, प्राप्त संख्या चार पैरों वाले जानवर की संख्या होती है। अब दो पैरों वाले जानवर की संख्या निकालने के लिए दिए गए सर की संख्या में से चार पैरों वाले जानवर की संख्या घटा लेते है। आइए करते है- दिए गए सर की संख्या को 2 से गुणा करते है कुल सर=180×2=360 फिर कुल दिए गए पैरों में से घटाते है कुल पैर=420-360=60 अब प्राप्त संख्या को 2 से भाग करते है प्राप्त संख्या=60÷2=30(यह चार पैर वाले जानवरों की संख्या है) अब दो पैर वाले जानवरों की संख्या=      कुल सर-चार पैर वाले जनवरों की संख्या      =180-30=150(यह दो पैर वाले जानवरों की संख्या है) प्रश्न 2. किसी बाड़े पर कुछ आदमी और कुछ बकरियाँ थ...

Teaching_Series:पढ़ाई के जुनून ने बनाया अन्वेषक

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✍️📙Teaching_Series "पढ़ोगे नहीं, तो सीखोगें कैसे" पढ़ाई के जुनून ने बनाया अन्वेषक, छोटी सी उम्र में बना दी नई भाषा..... हम बात कर रहे है, नेत्रहीनों को पढ़ने-लिखने की काबिलियत देने वाले लुई ब्रेल की लुई ब्रेल फ्रांस के निवासी थे, एक दिन जब वह 3 साल के थे, तो वह अपने पिता के औजारों से खेल रहे थे अचानक एक नुकीले उपकरण से उनकी आंखों में चोट लग गई और उन्हें दिखाई देना बंद हो गया। पढ़ाई में उनकी गहरी रुचि थी, उन्होंने हार नहीं मानी और वह पढ़ने लिखने के अलग-अलग तरीके सोचने लगे। अंत में उन्होंने छूकर और महसूस करके पढ़ने का एक रास्ता ढूंढ लिया, पढ़ने के इस तरीके को बाद में ब्रेल लिपि के नाम से जाना जाने लगा। इस प्रकार की लिपि में एक मोटे कागज पर उभरे हुए बिंदुओं की एक पंक्ति बनाई जाती है क्योंकि यह बिंदु भरे हुए होते हैं इसलिए इन पर उंगलियाँ चला कर इन्हें पढ़ा जा सकता है, यह लिपि 6 बिंदुओं पर आधारित होती है। 💯लुई ब्रेल के इस साहस और जज्बे को सादर प्रणाम!!

Teaching Series:वर्तमान की कीमत

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#Teaching_Series  ✍️वर्तमान की कीमत पढ़िए जरूर...."क्योकि पढ़ोगे नहीं, तो सीखोगे कैसे!!" जॉन रस्किन की मेज पर सदैव एक सुंदर-सा पत्थर का टुकड़ा रखा रहता था, जिस पर कलात्मक ढंग से वर्तमान लिखा हुआ था। एक दिन एक मित्र पत्थर पर लिखे गए शब्द से बहुत प्रभावित हुआ उसने रस्किन से पूछा आपने इस पत्थर को इसकी सुंदरता के कारण रखा है या इस शब्द के कारण, मित्र का सवाल सुनकर रस्किन मुस्कुराए और बोले मैं इसकी सुंदरता से नहीं बल्कि इस पर लिखे गए शब्द से प्रभावित हूं। मेरे हाथ से कहीं वर्तमान यूं ही ना निकल जाए, इसलिए इस पत्थर को मैं हमेशा अपने पास रखता हूं, इसे देखकर मुझे यह याद रहता है कि मेरा हर क्षण कीमती है। मित्र वर्तमान की कीमत समझ गया था, वह वहां से तुरंत रफूचक्कर हो गया। Photo:साभार

Teaching Series:ऐसे थे तेनाली रामकृष्ण

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#Teaching_Series ✍️ ऐसे थे तेनाली रामकृष्ण (कलात्मक सत्य)......पढ़िए जरूर  "क्योकि, पढ़ोगे नहीं, तो सीखोगे कैसे!!" राजा कृष्णदेव राय की साहित्य में हाथ आजमाने की सूझी। उन्होंने दिमाग का खपाते हुए एक कविता लिख डाली और उसे अपनी पत्नी को सुनाया। पत्नी को खराब कविता को अच्छा बताना पति धर्म लगा तो उन्होंने कह दिया कि बहुत अच्छी कविता है, पर कृष्णदेवराय को संतुष्टि नहीं मिली। फिर उन्होंने सभी मंत्रियों को कविता सुनाकर उनसे उनकी राय पूछी, राजा की लिखी कविता है, यह सोच सभी मंत्री वाह-वाह करने लगे। राजा को फिर भी संतुष्टि नहीं मिली उन्हें लगा कि तेनालीराम ही इसकी सच्ची समीक्षा कर सकता है, उन्होंने तेनालीराम को बुलाया और उनसे पूछा तो वह कुछ रुके और फिर बोले महाराज आपका हर कार्य अव्वल होता है, आपने खराब कविता भी लिखनी चाही और उसमें भी सफल रहे, राजा सच समझ गए। Photo:साभार